OTT से पहले एक्ट्रेसेस संतोषी मां, मदर इंडिया या फिर कॉमर्शियल आइटम हुआ करती थीं: अमोल पालेकर

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OTT से पहले एक्ट्रेसेस संतोषी मां, मदर इंडिया या फिर कॉमर्शियल आइटम हुआ करती थीं: अमोल पालेकर


हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के संजीदा कलाकारों में से एक अमोल पालेकर (Amol Palekar) हैं. ये एक ऐसे एक्टर हैं जिन्होंने मार्केट या कॉमर्शियल सिनेमा के दौर में कभी समझौता नहीं किया. वह खुद को ऐसा धूमकेतू बताते हैं जो दशक में एक बार सामने आता है और ऐसा उनके आलसी और चूजी होने की वजह से है. अमोल 2009 में मराठी फिल्म ‘समानांतर’ में नजर आए थे. इसके बाद वह ‘200 हल्ला हो’  (200 Halla Ho) में नजर आएंगे जिसका प्रीमियर 20 अगस्त को जी 5 पर हो रहा है.

सार्थक दासगुप्ता के निर्देशन में बनी ‘200 हल्ला हो’ ( 200 Halla Ho) में अमोल पालेकर के साथ रिंकू राजगुरू, बरुण सोबती भी नजर आएंगे. अमोल ने एक दलित रिटायर जज का रोल प्ले किया है. सच्ची घटना पर आधारित ‘200 हल्ला हो’ की कहानी में 200 दलित महिलाएं एकजुट होकर कोर्ट में रेपिस्ट पर हमला बोल देती हैं. इसमें दिखाया गया है कि किस तरह से सिस्टम के लूपहोल का फायदा अपराधी उठाते हैं. अमोल पालेकर जी5 पर आने वाली अपनी इस फिल्म को लेकर खासा उत्साहित हैं. अमोल का कहना है कि इस तरह के विषयों पर सिनेमा बनाने की हिम्मत नहीं करते हैं.

‘200 हल्ला हो’ में लंबे समय बाद अमोल पालेकर नजर आएंगे. 

मीडिया से बात करते हुए अमोल पालेकर ने बताया कि ओटीटी प्लेटफॉर्म्स के आने से सुपरस्टार वाला जमाना खत्म हो गया है. जब उनसे पूछ गया कि 50 साल से अधिक वक्त से इंडियन सिनेमा को देख रहे हैं. ऐसे में क्या बदलाव महसूस करते हैं, खासकर महिलाओं को लेकर. इस सवाल के जवाब में अमोल का कहना है कि ‘अगर हम मेनस्ट्रीम फिल्मों पर नजर डाले तो ‘तुम गगन के चंद्रमा हो,मैं धरा की धूल हूं’ जैसी टिपिकल तरीके से हीरोइनो को दिखाया गया है. या तो वह संतोषी मां होंगी या फिर मदर इंडिया. वह डांस नंबर करने वाली कॉमर्शियल आइटम है’.

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अमोल बताते हैं कि ‘महिलाओं को केंद्रबिंदू में रखकर बनने वाली फिल्मों की कमी को ओटीटी प्लेटफॉर्म्स ने दूर किया है. यहां फीमेल कैरेक्टर को ध्यान में रखकर शानदार स्क्रिप्ट लिखी जा रही है. यह एक सराहनीय और बड़ा बदलाव है. एक डायरेक्टर के तौर पर मैंने हमेशा महिलाओं की ताकत को दिखाने की कोशिश की है. ‘पहेली’ में लच्छी एक ऐसे शख्स के साथ रहने का फैसला लेती है जिससे प्यार करती है,ये जानते हुए भी वह उसका हस्बैंड नहीं है. हाशिए पर रहने वाले जो अपने संघर्ष को जारी रखते हैं ऐसे लोग मुझे प्रेरित करते हैं. उनके संघर्ष को अपनी फिल्मों के माध्यम से जीवंत करता हूं’.

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