अमीर देशों की कोरोना वैक्सीन की बूस्टर डोज की पहल दुनिया को बड़े खतरे में डाल सकती है : विशेषज्ञ

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अमीर देशों की कोरोना वैक्सीन की बूस्टर डोज की पहल दुनिया को बड़े खतरे में डाल सकती है : विशेषज्ञ


नई दिल्ली: अभी तक की रिसर्च में यह सामने आ चुका है कि कोरोना वायरस (Coronavirus) लगातार अपने स्वरूप में परिवर्तन करता रहता है. दुनिया के सामने इसके कई वैरिएंट सामने आ चुके हैं लेकिन सबसे घातक वैरिएंट डेल्टा वैरिएंट (Covid-19 delta Variant) रहा है. अप्रैल मई महीने दुनिया भर ने डेल्टा वैरिएंट का प्रकोप देखा. यह कोविड 19 संकट को और गहरा बनाता है. यही कारण है कि दुनियाभर के तमाम धनी देश इससे बचने के लिए वैक्सीन पर अपनी पकड़ मजबूत बना रहे हैं. जबकि वहीं निम्न आय और कमजोर देश अभी बुनियादी स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को मरम्मद करने के लिए जूझ रहे हैं.

कोरोना वायरस की नई लहर अब निनारे पर है. दुनिया भर में तमाम देश लोगों को वैक्सीन के लिए प्रोत्साहित करने में लगे हुए हैं जबकि दुनिया में करोड़ों ऐसे लोग हैं जो वैक्सीन की पहली खुराक लेने का इंताज कर रहे हैं. वैक्सीन लेने के बाद भी वायरस से लड़ने के लिए व्यापक प्रतिरक्षा एक बड़े सपने की तरह है. इस बीच कई देशों में वैक्सीन की बूस्टर डोज के लिए वैक्सीन के निर्माण को गति देने में लगे हुए हैं.

व्यापक स्तर पर चल रहा टीकारण अभियान

विश्वभर में दर्जनों विकासशील देशों ने अपने लोगों की वायरस से रक्षा करने और बिगड़ी अर्थव्यवस्था को फिर से पटरी पर लाने के लिए व्यापक स्तर पर टीकाकरण अभियान चला रहे हैं, कई देशों ने अपने कमजोर आबादी को वैक्सीन की कम से कम एक डोज दे दिया जिससे यह उम्मीद जगी है कि महामारी का सबसे बुरा प्रभाव खत्म हो सकता है

एक रिपोर्ट के मुताबिक अभी तक दुनिया भर में 4.4 अरब से अधिक कोरोना के टीके दिए जा चुके है. जो कि प्रत्येक 100 लोगों के बीच 15 खुराक के बराबर है. संयुक्त अरब अमीरात में अभी तक सबसे ज्यादा लोगों को सिंगल डोज लग चुकी है. यहां कुल आबादी का 81% लोगों सिंगल डोज लगी जबकि इसके बाद माल्टा में 80%, आइसलैंड- 76%, सिंगापुर- 76%, उरुग्वे- 75%, कतर- 75%, चिली- 73% , कनाडा- 72%, स्पेन- 70%, पुर्तगाल- 70%, यूनाइटेड किंगडम- 70% और संयुक्त राज्य- 58% लोगों को वैक्सीन की पहली खुराक लग चुकी है.

प्रति 100 लोगों पर वैक्सीन की खुराक

दुनिया में कोविड 19 वैक्सीन को पहली बार 2020 में लॉन्च किया गया था तब से अब तक करोड़ों डोज वैक्सीन की दी जा चुकी हैं थी. इसके बाद कई विकासशील और विकसित देशों ने भी वैक्सीनेशन प्रोग्राम शुरू किया. इजराइल, अमेरिका और यूके जैसे देशों ने कोरोना से लड़ने के लिए आक्रामक स्तर पर टीकाकरण किया.

आइए जानते हैं कि 30 जुलाई तक दुनिया भर में प्रत्येक 100 लोगों पर वैक्सीन की खुराक की संख्या क्या रही.
यूएई- 172.26, सेशेल्स, 143.82, आइसलैंड- 139.84, इज़राइल- 133.88, सिंगापुर- 133.86, कनाडा- 133.27, स्पेन- 125.21, यूएस- 104.59, यूनाइटेड किंगडम -126.7 और भारत में 36.3 खुराक वैक्सीन की दी गई हैं.

विशेषज्ञों की चेतावनी

इस बीच कोरोना के संकट के बारे में डब्ल्यूएचओ और कई अन्य स्वास्थ्य एजेंसियों का तर्क है कि इस वारस से तब तक कोई भी सुरक्षित नहीं है जबतक हर किसी को वैक्सीन की सुरक्षा नहीं मिल जाती. क्योंकि यह वायरस अनियंत्रित रूप से फैलता है और इसम तेजी से नए रूपों में परिवर्ति होने की संभावना अधिक होती है. विशेषज्ञों ने कहा कि अगर बूस्टर शॉट को प्राथमिकता देने वाले देश अपने साथ सभी लोगों को अधिक खतरनाक स्थित में डाल देंगे. उन्होंने कहा कि अगर जर्मनी और अमेरिका, यूके जैसे देश बूस्टर शॉट को रोल आउट करते हैं तो पहले यह जान लेना आवश्यक है कि दुनिया भर के देशों के पास पहली दो खुराक की पहुंच है या नहीं.

कई देशों ने वयस्कों को दी जा रही वैक्सीन

दुनिया में कई देश 12 साल से अधिक उम्र के लोगों को कोरोना का टीका देना शुरू कर दिया है. इनमें फ्रांस, इसटील, नीदरलैंड, स्वीडन, जर्मनी, संयुक्त राज्य अमेरिका जैसे देश शामिल है. यहां 40 प्रतिशत से अधिक व्यस्क लोगों को वैक्सीन की पहली डोज दी जा चुकी है. फ्रांस ने 15 जून को अपने देश में 12 साल से अधिक उम्र के लोगों को वैक्सीन देने का ऐलान किया था जबकि वहीं इटली ने मई अंत से 12 साल से अधिक उम्र के लोगों को वैक्सीन देना शुरू कर दिया था. जबिक वहीं भारत सरकार ने 1 जून से 18 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को टीका लगाना शुरू किया था.

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