World Tribal Day Special: राजस्थान के आदिवासी बच्चों का होगा उद्धार, जनजाति शोध संस्थान कर रहा है ये करार

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World Tribal Day Special: राजस्थान के आदिवासी बच्चों का होगा उद्धार, जनजाति शोध संस्थान कर रहा है ये करार


उदयपुर. आज विश्व आदिवासी दिवस (World Tribal Day) है. आदिवासियों के कल्याण के लिये जहां राजस्थान की गहलोत सरकार (Gehlot Government) सीधे तौर पर अपनी प्रतिबद्धता दर्शा रही है वहीं इनके कल्याण से जुड़े अन्य संस्थान भी लगातार तेजी से कार्य में जुटे हैं. आदिवासी दिवस पर आज सीएम गहलोत आदिवासियों को करोड़ों रुपये के विकास कार्य की सौगात दे रहे हैं. वहीं दक्षिणी राजस्थान में जनजाति बच्चों में थाइराइड की समस्या और आयोडीन तथा अन्य सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी से होने वाले घेंघा रोग की समस्या पर शोध के लिये आरएनटी मेडिकल कॉलेज, उदयपुर के साथ टीआरआई की ओर से करार करने की दिशा में आगे बढ़ा जा रहा है.

ट्राइबल रिसर्च इंस्टीट्यूट के निदेशक डॉ. वृद्धिचन्द गर्ग ने बताया कि जनजाति कल्याण के लिये जनजातियों के विभिन्न पहलुओं पर शोध के क्षेत्र में टीआरआई राज्य का प्रीमियर संस्थान है. यह जनजातियों की समस्याओं के निराकरण के लिये सुझाव और कार्य योजना तैयार करने की दिशा में कार्य करता है. वर्तमान में टीआरआई की ओर से उच्च स्तरीय शैक्षिक संस्थानों के साथ शोध करार किए गए हैं. इसी क्रम में जनजाति भवन, आबूरोड़ में सेटेलाइट सेन्टर फोर ट्राइबल रिसर्च की स्थापना की गयी है. इसके लिये एम्स, जोधपुर के साथ एमओयू हस्ताक्षरित किया गया है.

पंचवर्षीय योजना है यह
यह पंचवर्षीय योजना है. इसमें अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), जोधपुर की ओर से आबूरोड़ (सिरोही) के जनजाति परिवारों को टेलीमेडिसिन द्वारा सुपर स्पेसियलीटी सेवाएं दिए जाने के साथ-साथ उपचार भी उपलब्ध कराया जाएगा. वन अधिकार अधिनियम के क्रियान्वयन की स्थिति और प्रक्रिया के अध्ययन के लिये उदयपुर स्कूल ऑफ सोशल वर्क के साथ भी करार किया गया है. इसके अतिरिक्त मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय, उदयपुर के साथ कथौड़ी एवं सहरिया जनजातियों पर विभागीय योजना के प्रभाव का अध्ययन कराया जा रहा है.

राजस्थान विद्यापीठ से भी किया जा रहा है करार
राजस्थान विद्यापीठ के साथ अन्य जनजातियों पर विभागीय योजना के प्रभाव का अध्ययन कराए जाने के लिये भी करार किया जा रहा है. वर्ष 2021-22 में भी टीआरआई द्वारा अन्य संस्थाओं के साथ समन्वय कर जनजाति विषयों पर एक्शन रिसर्च, सेमीनार, वर्कशॉप आयोजित किए जाएंगे. इसके लिये 16 अगस्त तक संस्थान में संपर्क किया जा सकता है.

जनजाति वर्ग के स्टूडेंट्स को कोचिंग के लिये राशि दी जा रही है
जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग की आयुक्त प्रज्ञा केवलरमानी ने बताया कि विभाग की ओर से मुख्यमंत्री अनुप्रति योजना के तहत उदयपुर स्थित टीआरआई परिसर में प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थानों के माध्यम से कोचिंग के लिये सहायता राशि प्रदान की जाएगी.

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